Home » Blog »Trust

विश्वास

एक व्यक्ति की नई-नई शादी हुई और वो अपनी पत्नी के साथ वापिस आ रहा था। रास्ते में वो दोनों एक बडी झील को नाव के द्वारा पार कर रहे थे, तभी अचानक एक भयंकर तूफ़ान आ गया। वो आदमी वीर था लेकिन उसकी पत्नी बहुत डरी हुई थी क्योंकि हालात बिल्कुल खराब थे। नाव बहुत छोटी थी। तूफ़ान वास्तव में भयंकर था और दोनों किसी भी समय डूब सकते थे लेकिन वो आदमी चुपचाप, निश्चल और शान्त बैठा था जैसे कि कुछ नहीं होने वाला! 

उसकी पत्नी डर के मारे कांप रही थी और वो बोली, "क्या तुम्हें डर नहीं लग रहा। ये हमारे जीवन का आखिरी क्षण हो सकता है ! ऐसा नहीं लगता कि हम दूसरे किनारे पर कभी पहुंच भी पायेंगे। अब तो कोई चमत्कार ही हमें बचा सकता है वर्ना हमारी मौत निश्चित है। क्या तुम्हें बिल्कुल डर नहीं लग रहा? कहीं तुम पागल या पत्थर तो नहीं हो?"

वो आदमी खूब हँसा और एकाएक उसने म्यान से तलवार निकाल ली। उसकी पत्नी अब और परेशान हो गई कि वो क्या कर रहा है? वो उस नंगी तलवार को अपनी पत्नी की गर्दन के पास ले आया। इतना पास कि उसकी गर्दन और तलवार के बीच बिल्कुल कम अंतर बचा था क्योंकि तलवार लगभग उसकी गर्दन को छू रही थी।

वो अपनी पत्नी से बोला, "क्या तुम्हें डर लग रहा है?"

पत्नी खूब हँसी और बोली, "जब तलवार आपके हाथ में है तो मुझे क्या डर? मैं जानती हूं कि आ मुझे बहुत प्रेम करते हो।"

उसने तलवार वापिस म्यान में डाल दी और बोला कि, "यही मेरा जवाब है। मैं जानता हूं कि भगवान मुझे बहुत प्यार करते हैं और ये तूफ़ान उनके हाथ में है इसलिए जो भी होगा अच्छा ही होगा। अगर हम बच गये तो भी अच्छा और अगर नहीं बचे तो भी अच्छा, क्योंकि सब कुछ उस परमात्मा के हाथ में है और वो कभी कुछ भी गलत नहीं कर सकते! वो जो भी करेंगे हमारे भले के लिए करेंगे।"

सदैव विश्वास बनाये रक्खो। व्यक्ति को सदैव उस परमपिता परमात्मा पर विश्वास रखना चाहिये जो हमारे संपूर्ण जीवन को बदल सकता है।