हिन्दू धर्म में माघ मास में आने वाली पूर्णिमा का अत्यंत महत्व है। कहते है इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान, तप करने से व्यक्ति के कई जन्मो के पाप का शमन हो जाता है। बताया जाता है कि स्वयं भगवान विष्णु गंगा स्नान करने धरती पर आते है अत: भक्तो द्वारा इस दिन गंगा स्नान करने का बहुत महात्मन है। इस मास में सबसे ज्यादा पूण्य देने वाला दान तिल, कम्बल और गुड़ का बताया गया है।
क्या करे माघ पूर्णिमा के दिन
सुबह सूर्योदय से पूर्ण पवित्र नदियों के जल में स्नान करे। घर में यदि स्नान कर रहे है तो नहाने की बाल्टी में गंगा जल मिला कर स्नान कर सकते है।
स्नान मंत्र का जप करे।
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।
उगते सूर्य देवता को जल में तिल डालकर अर्ध्य दे और ऊँ घृणि सूर्याय नमः का मंत्र जप करे।
इस दिन शिवलिंग पर जल अभिषेक करना चाहिए और भगवान विष्णु के मंत्रो का जप करे।
अपनी श्रद्दा अनुसार जरुरतमंदो को अन्न, वस्त्र का दान करे।