शिवपुराण में ओमकार का महत्व :
- नौ करोड़ जप करने से मनुष्य शुद्ध हो जाता है।
- फिर नौ करोड़ जप करने से मनुष्य पृथ्वी तत्व पर विजय पा लेता है।
- फिर नौ करोड़ जप करने से जल तत्व पर अपनी विजय प्राप्त कर लेता है।
- फिर नौ करोड़ जप करने से अग्नि तत्व पर विजय पा लेता है।
- फिर नौ करोड़ जप करने से वो वायु तत्व पर अपना वर्चस्व पा लेता है।
- फिर नौ करोड़ जप करने से वो आकाश तत्व को अपने अधिकार में कर लेता है।
इस तरह वो नौ-नौ करोड़ का जप करके वो सभी तत्व पर अपनी विजय पा लेता है और सभी तत्व उसके अधीन हो जाते है।
- अगर फिर एक और बार नौ करोड़ का जप करता है तो वो अहंकार से मुक्त हो जाता है।
और अगर कोई ओमकार का 108 करोड़ बार जप कर लेता है तो वो शुद्ध योग को प्राप्त हो जाता है और ॐ का जप करने से वो समाधि को भी उपलब्ध हो जाता है।