सबको अपने प्रकाश से प्रकाशमय करने वाले तेज के पुंज सूर्य देव को जल चढ़ाने से तेज की प्राप्ति होती है। सूर्य देवता को जल चढ़ाने से यश, बुद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। जो भी व्यक्ति नित्य प्रति सूर्य देव को केवल मात्र एक लोटा जल ही अर्पित करते हैं सूर्यदेव उन से प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
परंतु सूर्य देव को जल अर्पण करने से पूर्व कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।
जब भी सूर्य देव को जल अर्पण करें अपना मुख हमेशा पूर्व की ओर ही रखें।
जब भी सूर्य भगवान को जल चढ़ाएं कोशिश यही करें कि प्रातः काल सूर्य उदय होने के 1 घंटे बाद तक अगर जल चढ़ा लें तो ज्यादा ही फायदा मिलता है।
जब भी सूर्य देव भगवान को जल अर्पण करें तब इस बात का ध्यान रखें कि अपने दोनों हाथ अपने सिर से ऊपर ही रखें। ताकि सूर्य का प्रकाश पूर्णतया आप पर पड़े। अगर जल के लोटे में लाल फूल, रोली, गुड़ या चावल डालकर अगर अर्पित करते हैं तो और भी अधिक फायदा होता है।
जब भी सूर्य भगवान को जल चढ़ाएं तब तीन बार गायत्री मंत्र का जाप करें अथवा भगवान सूर्य के 12 नामों का जाप करें।
इस तरह से अगर रोजाना सूर्य भगवान को जल अर्पित किया जाता है तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।